शराब में बुलबुले बनना अब बन्द हो चुके हैं। इसका मतलब एल्कोहल बनना बन्द हो गया है। अब वाइन को निकाल कर छान कर दोबारा से बन्द करके इसको करीब छह महीने के लिये रखना पड़ेगा ताकि पीने में मज़ा आये।
Wednesday, May 10, 2006
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शराब में बुलबुले बनना अब बन्द हो चुके हैं। इसका मतलब एल्कोहल बनना बन्द हो गया है। अब वाइन को निकाल कर छान कर दोबारा से बन्द करके इसको करीब छह महीने के लिये रखना पड़ेगा ताकि पीने में मज़ा आये।
6 टिप्पणियाँ:
बन जाए तो मेरे लिये भी भेजना।
छह महीने काहे? छह हफ़्ते बोलो यार। तुम तो हमारा दिल तोड़ रहे हो।अब छह महीने मे अगर तैयार होगी हम कब पियेंगे।इसका मतलब हमको इन्डिया बुलाकर सूखा सूखा रखोगे, हम तो आ ही इस लिये रहे थे कि कोई नयी चीज पीने को मिलेगी।
लगता है प्लान कैंसिल करना पड़ेगा।
भाई, ६ महीने तो बहुत ज्यादा हैं। ;(
समीर लाल
तरबूज तो इधर रतलाम में भी बहुत आ रहा है.
सोचता हूँ कि एक ट्राई इधर मैं भी मारूं.
परंतु विधि तो पता नहीं.
आपने कैसे बनाया यही बता दें तो शुरूआत की जाए.
आप ये न कहिएगा कि विधि इंटरनेट पर ढूंढो. अभी अलाली इतनी गई नहीं है..
सचमुच आशीष भाई, ये वाईन बनाना तो बिल्कुल नई चीज़ है हमरे लिए। तनिक विधि पर परकास डालो तो बहुत भला होगा। दन्यबाद।
Could you please outline the procedure for the same ?
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