Wednesday, May 10, 2006

तरबूज की शराब- एक अपडेट

शराब में बुलबुले बनना अब बन्द हो चुके हैं। इसका मतलब एल्कोहल बनना बन्द हो गया है। अब वाइन को निकाल कर छान कर दोबारा से बन्द करके इसको करीब छह महीने के लिये रखना पड़ेगा ताकि पीने में मज़ा आये।

6 Comments:

Blogger युगल मेहरा said...

बन जाए तो मेरे लिये भी भेजना।

3:44 AM  
Blogger Jitendra Chaudhary said...

छह महीने काहे? छह हफ़्ते बोलो यार। तुम तो हमारा दिल तोड़ रहे हो।अब छह महीने मे अगर तैयार होगी हम कब पियेंगे।इसका मतलब हमको इन्डिया बुलाकर सूखा सूखा रखोगे, हम तो आ ही इस लिये रहे थे कि कोई नयी चीज पीने को मिलेगी।

लगता है प्लान कैंसिल करना पड़ेगा।

4:43 AM  
Blogger Udan Tashtari said...

भाई, ६ महीने तो बहुत ज्यादा हैं। ;(
समीर लाल

5:39 AM  
Blogger Raviratlami said...

तरबूज तो इधर रतलाम में भी बहुत आ रहा है.

सोचता हूँ कि एक ट्राई इधर मैं भी मारूं.

परंतु विधि तो पता नहीं.

आपने कैसे बनाया यही बता दें तो शुरूआत की जाए.

आप ये न कहिएगा कि विधि इंटरनेट पर ढूंढो. अभी अलाली इतनी गई नहीं है..

10:23 PM  
Blogger रजनीश मंगला said...

सचमुच आशीष भाई, ये वाईन बनाना तो बिल्कुल नई चीज़ है हमरे लिए। तनिक विधि पर परकास डालो तो बहुत भला होगा। दन्यबाद।

10:46 PM  
Anonymous Anonymous said...

Could you please outline the procedure for the same ?

12:18 PM  

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