हाल की उड़ीसा यात्रा की कुछ तस्वीरें
१९-२३ जून २००६ तक मैं उड़ीसा घूमने गया था और वहां भुवनेश्वर, चिलिका झील, पुरी और कोणार्क गया था। कुल मिलाकर उड़ीसा बहुत ही सुन्दर प्रदेश है। काफ़ी हरा भरा है, साफ सुथरा भी है, और सबसे बड़ी बात वहां के प्राकृतिक नज़ारों की जगहें पर्यटकों द्वारा फैलायी गयी गंदगी से काफ़ी हद तक दूर हैं।
वहां की कुछ तस्वीरें नीचे लगायी हैं।
भुबनेश्वर स्थित बुद्ध भगवान का मंदिर जिसे जापानी मंदिर भी कहते हैं (जापानियों द्वारा निर्मित)
पुरी का समुद्र तट
पुरी से कोणार्क के रास्ते में एक नदी का मनोरम दृश्य
नदी के किनारे एक सुन्दर मकान (काश हम भी यहीं रह रहे होते)
रास्ते में एक मूर्तिकार द्वारा बनायी गयीं कुछ मूर्तियां
कोणार्क मंदिर के सामने से ली गयी तस्वीर (मंदिर की ऊंचायी करीब ११० फ़ीट है, और मंदिर सम ११०० ईसवी में बनाया गया था)
मंदिर के पीछे का दृश्य (पीछे का मंदिर २२० फ़ीट ऊंचा था जो करीब २०० साल पहले आये एक चक्रवात में ध्वस्त हो गया था)

मंदिर का किनारे से लिया गया दृश्य
सूर्य घड़ी जो कि काफ़ी सही समय बताती है
मंदिर की दीवारों पर खोदे गये कामसूत्र के कुछ दृश्य
वहां की कुछ तस्वीरें नीचे लगायी हैं।
भुबनेश्वर स्थित बुद्ध भगवान का मंदिर जिसे जापानी मंदिर भी कहते हैं (जापानियों द्वारा निर्मित)
पुरी का समुद्र तट
पुरी से कोणार्क के रास्ते में एक नदी का मनोरम दृश्य
नदी के किनारे एक सुन्दर मकान (काश हम भी यहीं रह रहे होते)
रास्ते में एक मूर्तिकार द्वारा बनायी गयीं कुछ मूर्तियां
कोणार्क मंदिर के सामने से ली गयी तस्वीर (मंदिर की ऊंचायी करीब ११० फ़ीट है, और मंदिर सम ११०० ईसवी में बनाया गया था)
मंदिर के पीछे का दृश्य (पीछे का मंदिर २२० फ़ीट ऊंचा था जो करीब २०० साल पहले आये एक चक्रवात में ध्वस्त हो गया था)
मंदिर का किनारे से लिया गया दृश्य
सूर्य घड़ी जो कि काफ़ी सही समय बताती है
मंदिर की दीवारों पर खोदे गये कामसूत्र के कुछ दृश्य 



1 Comments:
Ashish bhai. aapke blog ko dekh kar Khushii huii. Aap Hindi ki khidmat meN dil-o-jaan se masruuf haiN yeh jaan kar achchha laga. Ummeed hai devanagri bhi internet par chha jayegi. Mera bhi taalluq lucknow se hai waise ab bhopal meN rahta huN.
Congrats again.
Adnan
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