tag:blogger.com,1999:blog-8947177.post-1132850622366367202005-11-24T08:39:00.000-08:002005-11-24T08:43:42.376-08:00लालू या आलूलालू भाई को तो नीतीश जी ने इस बार बड़े जोर की पटखनी दे दी, अब तो शायद समोसे में आलू की लगह लालू हैं।<br /><br />देखें अब बिहार का क्या होता है? आम बिहारी जन तो शायद लालू के जंगल राज से मुक्ति से खुश ही होंगे।आशीषhttp://www.blogger.com/profile/15373573505567241038noreply@blogger.com