tag:blogger.com,1999:blog-8947177.post-1132851565987797062005-11-24T08:51:00.000-08:002005-11-24T09:11:20.573-08:00हम फिल्में क्यों देखते हैं?<p><img style="width: 133px; height: 147px;" src="http://akshargram.com/images/anugunj-anniversary.png" alt="Akshargram Anugunj" align="right" hspace="5" vspace="5" /></p>मेरे लिये इस सवाल का जबाब देना आसान है, और वो ये कि मैं फिल्म देखता हूं मनोरंजन के लिये, टाइम पास के लिये। और वो इसलिये कि हास्य फिल्मों को देखकर हो जाता है मन हल्का। आजकल की आपाधापी की ज़िंदगी में हंसने हंसाने का जो भी ज़रिया मिले वो अच्छा है, हालांकि इसका मतलब ये नहीं है कि किसी की बेबसी पर हंसा जाये।<br /><br />इंजीनियरिंग में फिल्म देखना होता था दोस्तों के साथ इसलिये कोई भी देख लेता था।शौक लेकिन नहीं था। बचपन में ढिशुम डिशुम वाली फिल्में अच्छी लगती थीं। इसलिये क्यों देखते हैं, ये कारण उम्र के साथ साथ बदलता रहता है। लेकिन हंसी मज़ाक की फिल्में हमेशा से मेरी सबसे प्रिय रही हैं।<br /><br />कभी कभी सामाजिक पहलुओं को उजागर करने वाली फिल्में भी देखता हूं क्योंकि हमारे समाज में लोगों को बुरी चीजों को सहने की आदत सी पड़ गयी है इसलिये फिल्में कभी कभी जगाने का भी काम कर सकती हैं।आशीषhttp://www.blogger.com/profile/15373573505567241038noreply@blogger.com